भारतीय रेलवे (Indian Railway) एशिया का दूसरा और दुनिया का चौथा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है। इसे भारत की लाइफलाइन भी कहा जाता है। बहुत से लोग ट्रेन से सफर करना पसंद करते हैं। अमीर हो या गरीब, लंबी यात्रा के लिए तो हर कोई ट्रेन का सफर ही पसंद करता है। ट्रेन में यात्रा सुविधाजनक तो है ही साथ ही बस और फ्लाइट के मुकाबले सस्ती भी रेल यात्रा के दौरान ट्रेनों के डिब्बों के रंग (Train Coaches Colour) ने आपका ध्यान जरूर अपनी और खींचा हो। लेकिन क्या आपने ध्यान दिया है कि स्टेशन पर ट्रेन के कोच लाल, नीले क्यों होते हैं? इस रंग के पीछे भी कई कारण होते हैं। हर कोच के लिए अलग रंग तय होता है। कोच की डिजाइन और खासियत के आधार पर इनका रंग तय किया जाता है। लाल ट्रेन में लाल रंग के कोच का भी इस्तेमाल होता है। इन्हें लिंक हॉफमैन (Link Hoffmann ) भी कहा जाता है यह खास तरह के कोच होते हैं जिन्हें जर्मनी में तैयार किया गया है। भारतीय रेलवे ने ऐसे कोच साल 2000 में भारत में आयात किए गए थे। मौजूदा समय में अब ऐसे कोच पंजाब के कपूरथला में बनाए जाते हैं। शताब्दी और राजधानी एक्सप्रेस ट्रेनों में ज्यादात...
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